नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पर्यावरण से जुड़े नागरिक मामलों की तीव्र सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक अदालत है।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने श्रीनगर में यहां-वहां फैले कूड़े-कचरे के अंबार और लैंडफिल साइट पर नियमित तौर पर कूड़े-कचरे का निपटारा न करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार को जमकर फटकार लगाई है। प्रधान पीठ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह सरकार और उसके अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाएगी।
पीठ ने सरकार को कारण बताओ नोटिस देकर पूछा है कि आखिर श्रीनगर नगर निगम पर आदेशों का उल्लंघन करने के लिए पर्यावरणीय जुर्माना क्यों न लगाया जाए? पीठ ने श्रीनगर में कूड़े-कचरे की डंपिंग, संग्रहण, निपटारा इत्यादि की मौजूदा और वास्तिवक स्थिति जांचने के लिए एडवोकेट राहुल चौधरी को लोकल कमिश्नर भी नियुक्त किया है।
साथ ही सरकार और निगम को कहा है कि अगले 24 घंटे तक एक भी कूड़ा साफ नहीं होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने इरफान अहमद व अन्य के मामले में मंगलवार को यह आदेश दिया।
पीठ ने कहा कि हमने कूड़े-कचरे के निपटारे को लेकर कई आदेश पूर्व में दिए हैं बावजूद इसके अभी तक निगम के जरिए कोई पहल नहीं की गई। मसलन अस्थाई तौर पर कूड़े-कचरे की डंपिंग के लिए एक साइट तक नहीं बनाई गई है। पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टि से देखने पर यह प्रतीत होता है कि सरकार अपना संवैधानिक दायित्व निभाने में विफल रही है।