नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जम्मू-कश्मीर सरकार व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे ऐसे अस्पतालों की सूची व विस्तृत रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करें जो जैविक कचरे का संग्रहण और निष्पादन मानकों और नियमों के अनुरूप नहीं कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि प्राधिकरण यह भी बताएं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से ट्रिब्यूनल में रिपोर्ट पेश की गई थी। हालांकि, रिपोर्ट आधी-अधूरी होने के कारण पीठ ने उसे खारिज कर दिया।
पीठ ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए जाएंगे। यह सरकार और संबंधित प्राधिकरण के लिए आखिरी मौका होगा कि वे ट्रिब्यूनल के आदेशों का बिना देरी किए पालन करें।