डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर आफ एलपीजी (डीबीटीएल) स्कीम पहल (प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ) योजना से जम्मू कश्मीर में अब तक कुल 15.17 लाख उपभोक्ताओं में से करीब पांच लाख (32 फीसदी) उपभोक्ता जुड़ चुके हैं।
इस योजना से जुड़ने की वैसे तो उपभोक्ताओं के लिए कोई आखिरी तारीख नहीं है। बहरहाल तीन जून तक अगर उपभोक्ता स्कीम से नहीं जुड़ते हैं तो एक जुलाई से उन्हें बाजार भाव से सिलेंडर मिलेगा।
इंडिया आयल कारपोरेशन के वरिष्ठ संभागीय प्रबंधक एवं डीबीटीएल प्रभारी मिथिलेश कुमार सिन्हा से बुधवार को ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने डीबीटीएल स्कीम और उपभोक्ताओं से जुड़े सवालों पर लंबी चर्चा की।
सिन्हा ने बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने डीबीटीएल स्कीम को पूरे देश के साथ-साथ जम्मू कश्मीर में भी लागू किया है। डीबीटीएल स्कीम का असल मकसद जायज घरेलू उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी का लाभ पहुंचाना है और पब्लिक मनी को बचाना है।