पिछले साल सितंबर में मूसलाधार बारिश और बाढ़ की तबाही के निशान अभी भी जिंदा हैं। इस प्राकृतिक आपदा में संभाग के दस जिलों में आधी से ज्यादा सड़कें तबाह हो गई थीं। पानी के तेज बहाव ने 25 फुट ब्रिज का नामोनिशान मिटा दिया था।
कई वाहन योग्य पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे, लेकिन पुलों को शीघ्र स्थापित करने में वैली ब्रिज मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। जिला पुंछ में ऐसे पांच ब्रिज स्थापित कर दिए गए हैं और दो पर काम चल रहा है।
इसके बाद उधमपुर जिले के बरमीन क्षेत्र के लिए भी वैली ब्रिज मंगाया जा रहा है। आरएंडबी विभाग के चीफ इंजीनियर अब्दुल हमीद शेख के अनुसार वैली ब्रिज को कोलकाता से मंगवाया जा रहा है।
बाढ़ से जम्मू संभाग की कुल 3517 सड़कों में से 2553 को क्षति पहुंची थी। जिसमें अधिकांश सड़कों को बहाल कर दिया गया है। जिला पुंछ में अभी तक अलग-अलग पांच स्थानों पर वैली ब्रिज स्थापित किए गए हैं।
रियासत में बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलों को बहाल करने के लिए पहली बार वैली ब्रिज स्थापित किए गए हैं। इसके बाद उधमपुर जिले के बरमीन क्षेत्र में हजारों ग्रामीणों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले स्थानीय पुल की जगह वैली ब्रिज बिछाया जा रहा है। इसके लिए 75 फीसदी सामग्री पहुंच गई है। इस पुल के निर्माण पर 294 लाख रुपये की लागत आ रही है।