पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के चीफ इंजीनियर राजीव गंडोत्रा और हड़ताली डेलीवेजरों के बीच शनिवार को दो घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही।
नतीजतन लगातार चौथे दिन भी पीएचई डेलीवेजरों ने चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन तो जारी रखा ही। काम छोड़ हड़ताल की वजह से संभाग के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
श्रीनगर से शनिवार को जम्मू पहुंचने पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर राजीव गंडोत्रा की अधिकारियों की मौजूदगी में आल जेएंडके पीएचई, आईटीआई ट्रेंड एंड सीपी वर्कर्स एसोसिएशन के प्रधान तनवीर हुसेन और उनकी टीम से बातचीत हुई।
चीफ इंजीनियर ने आश्वासन दिया कि पीएचई मंत्री चौधरी सुखनंदन कुमार को मामले की जानकारी दी जा चुकी है। डेलीवेजरों का मसला सरकार का नीतिगत मामला है और इसे सरकार की हल कर सकती है। विभाग ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की है। ऐसे में डेलीवेजरों को हड़ताल स्थगित कर काम पर लौट आना चाहिए।
डेलीवेजरों के प्रधान तनवीर हुसेन ने अमर उजाला को बताया कि चीफ इंजीनियर की अपील को अस्वीकार करते हुए एसोसिएशन ने विभाग में सालों से कार्यरत डेलीवेजरों को नियमित करने के लिए ठोस नीति निर्धारित होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
उन्होंने कहा, सोमवार से परिवार सहित डेलीवेजर सड़क पर उतरेंगे। पीएचई मंत्री से सोमवार को बातचीत की उम्मीद है। अगर इस बैठक में भी ठोस आश्वासन न मिला तो फिर पेयजल आपूर्ति पर बुरी तरह से असर पड़ेगा और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।