‘अलफा, टैंगो, चार्ली ..., अलफा चार्ली ...।’ जब भी विंटर कैपिटल जम्मू में दरबार आता है तो सड़कों पर खड़े ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के वॉकी-टॉकी पर इस तरह के संदेश लगातार चलते रहते हैं। हर संदेश के साथ ट्रैफिक कर्मियों की हलचल भी घटती-बढ़ती रहती है।
कारण, दरबार के दौरान जम्मू की सड़कों पर भारी संख्या में वीआईपी मूवमेंट होती है। कभी किसी ओर से मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो कभी किसी सड़क से मंत्री और अफसरशाह गुजर रहे हैं, लेकिन इस बार रियासत में सरकार न बनने से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अभी तक राहत मिली हुई है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फौज न होने से सड़कों पर भी ट्रैफिक कर्मियों की हमेशा की तरह फौज नहीं खड़ी रहती।
बिना लोकतांत्रिक सरकार के चल रहे दरबार का सबसे ज्यादा आम लोगों को लाभ हो रहा है। सुदर्शन शर्मा कहते हैं कि पहले दरबार आता था तो किसी भी सड़क पर अचानक नाका लगाकर यातायात रोक दिया जाता था।
बताया जाता था कि फ्लां मंत्री या मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने वाला है। खासकर सचिवालय से लेकर रेजीडेंसी रोड स्थित मुख्यमंत्री निवास तक कभी भी ट्रैफिक में घंटों रुकना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। पिछले दो माह से दरबार यहां है, लेकिन कभी भी ट्रैफिक में रुकना नहीं पड़ा है।