राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक हाई स्कूल खोलने का प्रावधान रखा गया है। शिक्षा विभाग को इसके लिए मिडिल स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल में तब्दील करना है, लेकिन इसके लिए पहले मंजूरी सरकार की तरफ से जारी की जाती है।
रमसा को राज्य में शुरू हुए करीब पांच वर्ष हो चुके हैं, जबकि अभी तक रमसा के तहत केवल एक बार ही स्कूलों को अपग्रेड करने की मंजूरी मिली है। प्रस्ताव हर वर्ष बनाकर भेजा जाता है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में विद्यार्थियों को नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक की शिक्षा के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करके स्कूलों में जाना पड़ता है।
इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लड़कियों के लिए घर से कई किलोमीटर की दूरी पर जाकर शिक्षा हासिल करना काफी मुश्किल होता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए रमसा के तहत 2012 में 350 के करीब मिडिल स्कूलों को अपग्रेड करके हाई स्कूल बनाया था।
दूसरे चरण में करीब 600 स्कूलों का प्रस्ताव बनाकर 2013 में भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। 2014 में इसी प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा गया, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। शिक्षा विभाग 2015 में फिर से इसको भेजने की तैयारी कर रहा है, लेकिन जिस प्रकार केंद्र सरकार ने रमसा व एसएसए के फंड में कटौती की है, उसको देखकर लगता नहीं है कि इसको मंजूरी मिल सकेगी।