राज्य पुलिस में कार्यरत 1997 बैच के अधिकारियों को प्रमोशन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। गृह विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद भी इन अधिकारियों को विभाग प्रमोशन नहीं दे रहा। इसका कारण है कि विभाग में डीआईजी रैंक के अधिकारियों की कमी है। यदि इन अधिकारियों को प्रमोशन दी जाती है तो विभाग के पास इस रैंक के अधिकारियों की कमी हो जाएगी।
ऐसे में विभाग कुछ एसएसपी रैंक के अधिकारियों को प्रमोट कर डीआईजी बनाने की सोच रहा है। जानकारी के अनुसार 1997 बैच के अधिकारियों में गरीब दास, आलोक कुमार, सुरेंद्र कुमार गुप्ता, एके अत्री, जानी विलियम और विप्लव कुमार चौधरी शामिल हैं। इन अधिकारियों की पिछले एक साल से प्रमोशन लंबित चल रही है। इस समय विभाग के पास 27 आईजी रेंक के अफसर हैं, जिनमें छह डेपुटेशन पर हैं।
यदि डीआईजी रैंक के अधिकारियों को प्रमोशन दी गई तो आईजी रैंक के अधिकारियों की गिनती 30 से ऊपर चली जाएगी। ऐसे में डीआईजी रैंक के अधिकारियों की कमी हो जाएगी। इस समय राज्य में 20 डीआईजी स्तर के अधिकारियों के पद हैं। इनमें से एक अधिकारी का हाल ही में रिटायरमेंट हुआ। पांच डेपुटेशन पर हैं। दो की अगले साल रिटायरमेंट हैं।
ऐसे में एक साल तक विभाग के पास दस से भी कम डीआईजी रैंक के अधिकारी रह जाएंगे। इसकी वजह से इन अधिकारियों को प्रमोशन नहीं दी जा रही। सूत्रों की मानें तो कुछ एसएसपी रैंक के अधिकारियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन देने की योजना चल रही है। विभाग कुछ ईमानदार अधिकारियों की सूची तैयार कर रहा है।