पांच दिन पहले शालीमार ट्रेन में यात्रियों के सामान चुराने के आरोप में फरार पैंट्री स्टाफ की खोज के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। एसपी शिव कुमार शर्मा के अनुसार टीमें उसकी तलाश में अन्य राज्यों में जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि शिकायत दर्ज होने के बाद जीआरपी ने ट्रेन के पैंट्री स्टाफ आलोक श्रीवास्तव को पकड़ चोरी का काफी सामान बरामद कर लिया था, लेकिन उसका साथी अभी भी फरार है। उसके पास भी चोरी का काफी सामान है।
जीआरपी के साथ तालमेल करना कठिन
जम्मू रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली ज्यादातर ट्रेनों में होने वाली चोरी की घटनाओं तक पहुंचना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बनता जा रहा है। इसका मुख्य कारण चोरी कहीं और एफआईआर कहीं दर्ज होना होता है। इंटर स्टेट मामले होने के कारण जीआरपी जम्मू को अन्य स्थानों की जीआरपी के साथ तालमेल करना होता है, जिसमें कई तरह की समस्याएं आती हैं।
यही कारण है कि जम्मू जीआरपी में दर्ज ट्रेनों में चोरी के कई मामले परेशानी का सबब बन जाते हैं। रेलवे के एसपी शिव कुमार शर्मा स्वीकार करते हैं कि चोरी पंजाब के किसी स्टेशन पर होने के बाद एफआईआर दर्ज जम्मू में होती है। इससे उन्हें पंजाब जीआरपी के साथ कोआर्डिनेशन बनाकर काम करना पड़ता है, लेकिन कई बार समस्याएं आती हैं।
लुधियाना से रात को चोरों का गिरोह चढ़ता है
जम्मू रेलवे स्टेशन पर सुबह के समय पहुंचने वाली तमाम ट्रेनें रात को पंजाब के रेलवे स्टेशनों से गुजरती हैं। खासकर लुधियाना रेलवे स्टेशन से रात को चोरों का गिरोह चढ़ता है और अपना काम कर जालंधर, मुकेरियां या पठानकोट में उतर जाते हैं।
यात्रियों को जब सामान चोरी होने का पता चलता है तो ट्रेन जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कर चुकी होती है। इसी कारण यात्री जम्मू रेलवे स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करवाते हैं। एसपी शर्मा के अनुसार वे लुधियाना जीआरपी के साथ तालमेल कर चोरों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, लेकिन दूरी होने के कारण कई बार गिरोह तक नहीं पहुंच पाते हैं।
आरपीएफ को जांच सौंपने का मामला अधर में
विभिन्न राज्यों से गुजरने वाली ट्रेनों में होने वाली चोरी या अन्य घटनाओं की जांच की जिम्मेदारी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) को सौंपने का मामला अभी भी अधर में लटका है। जानकारों के अनुसार इस संबंध में एक प्रस्ताव संसद में रखा गया है। उसे मंजूरी मिलने के बाद ही आरपीएफ को जांच की जिम्मेदारी मिल सकती है। इससे चोरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।