नगर निगम की चीफ ट्रांसपोर्ट सेक्शन (सीटीओ) आधे वाहन चालकों के सहारे काम चला रही हैं, जिस कारण शहर से कचरा उठाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। अधिकारी दायें-बायें से जुगाड़ लगाकर खानापूर्ति कर रहे हैं। नगर निगम के 150 वाहन 96 चालक के जिम्मे हैं। इनमें से भी रोजाना एक दर्जन से ज्यादा वाहन चालक छुट्टी पर रहते हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि परमानेंट स्टाफ में कुछ लाइसेंस धारकों को वाहन चलाने की अनुमति दी गई है, ताकि चालकों की किल्लत को खत्म किया जा सके।
नगर निगम के सीटीओ सेक्शन में 150 वाहन हैं। इनमें से 115 वाहन शहर में से कचरा उठाने वाले हैं। इसके अलावा चार पानी के टैंकर, तीन ट्रैक्टर, जेसीबी और अधिकारियों के वाहन भी शामिल हैं। बड़ी मुश्किल यह सामने आ रही है कि इन 150 वाहनों के लिए चालक पूरे करना निगम के लिए चुनौती बन गई है। शहर के कुछ इलाकों में कचरा रोजाना नहीं उठने से स्थानीय लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
लोग (24 गुणा 7) हेल्प लाइन नंबर के जरिये भी अपनी समस्याएं निगम को बता रहे हैं, जिनका बमुश्किल से हल हो पा रहा है। निगम ने वाहनों को चलाने के लिए अधिकतर कांट्रैक्चुअल चालकों को ही लगाया हुआ है। उनकी भी संख्या कम है। ऐसी स्थिति कई वर्षों से बनी हुई है। मुश्किल घड़ी में स्टाफ के गैरहाजिर होने पर निगम ने कुछ दिन पहले तीन मुलाजिमों को सस्पेंड भी कर दिया था।
सड़क पर बिखरता है कचरा
लोगों का आरोप है कि निगम के कचरा ढोने वाले वाहनों पर कचरा सही से ढका नहीं जाता है, जिस कारण कचरा सड़कों पर बिखरता है, जो राहगीरों और दो पहिया वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनता है। सड़क पर बिखरा यह कचरा प्रदूषण भी फैलाता है।
चालकों के पद भरने की कवायद जल्द
नगर निगम के एक अधिकारी के मुताबिक कारपोरेशन की जब रि-आर्गेनाइजेशन हुई थी, तभी वाहन चालकों के पदों को मंजूरी दी गई थी, जिसे अब भरने की कवायद शुरू की गई है। वाहनों को चलाने के लिए आ रही चालकों की दिक्कतों को जल्द ही खत्म किया जाएगा, जिसके बाद शहर के प्रत्येक हिस्से से कचरा उठाया जा सकेगा।