जीएमसी में दूसरे दिन भी रजिस्ट्रारों और पीजी ने कामकाज ठप रखा, लेकिन दोपहर बाद जीएमसी प्रशासन के साथ चली घंटों की बैठक में सभी मांगों पर सहमति जताने पर जूनियर डाक्टर काम पर लौट आए। अस्पताल की इमरजेंसी में गत दिवस मरीज की मौत पर एक रजिस्ट्रार को बिना जांच के निलंबित करने पर जूनियर और सीनियर डाक्टर विरोध कर रहे थे।
जीएमसी में मंगलवार सुबह अस्पताल प्रशासन और जूनियर डाक्टरों के बीच डेढ़ घंटा चली बैठक में रजिस्ट्रार डा. सुशील पंडिता के निलंबन को वापस लेने, भविष्य में बिना जांच के किसी चिकित्सा कर्मी को निलंबित न करने, मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने पर अस्पताल प्रशासन ने सहमति जताई।
रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन के प्रधान डा. नीरज शर्मा ने कहा कि डाक्टर किसी भी मामले की जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन बिना जांच के किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इससे पहले से ही ओवरलोड में काम कर रहे डाक्टरों के मनोबल पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनके संघर्ष को मेडिकल टीचर एसोसिएशन, पैरा मेडिकल स्टाफ, डाक श्रीनगर, चिनाब वैली डाक्टर एसोसिएशन का समर्थन मिला।
जीएमसी प्रशासन में मंगलवार उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल परिसर में विभिन्न जगहों पर स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह के होर्डिंग्स पर असामाजिक तत्वों द्वारा कालिख पोतने की जानकारी मिली। आनन-फानन में दो बड़े होर्डिंग्स को उतारकर स्टोर में पहुंचाया गया।
यह होर्डिंग्स जेएंडके एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से रक्तदाताओं को जागरूक करने के लिए अस्पताल की ओपीडी परिसर सहित बाहर लगाए गए थे। अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार बीती देर रात किसी ने ऐसी शरारत की है। इसकी जांच की जा रही है। इसमें सीसीटीवी की भी मदद ली जा रही है।