आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादी को रियासती सरकार पुनर्वास नीति के तहत एफडीआर के रूप में 1.50 लाख की तत्काल मदद मुहैया करवाने के अलावा मासिक दो हजार रुपये का स्टाइपन भी तीन साल तक के लिए दे रही है। नेकां एमएलसी अली मोहम्मद डार के सवाल के जवाब में मंगलवार को मुख्यमंत्री की तरफ से बागवानी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने यह जवाब दिया।
मंत्री ने कहा कि 31 जनवरी, 2004 को सरकारी आदेश संख्या होम 55/एच 2004 के तहत रियासती सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों के पुनर्वास को नीति निर्धारित की है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए मदद मुहैया करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि रियासत में शांति लाने और आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादी सामान्य जिंदगी जी सकें, इसके लिए पुनर्वास नीति के तहत प्रावधान किए हैं।
विधान परिषद में लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
विधान परिषद में मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगने शुरू हो गए। भाजपा के तीनों सदस्यों विबोध गुप्ता, चरणजीत सिंह खालसा और सोफी यूसुफ ने रियासत में आतंकी घटनाओं में हुई बढ़ोतरी को पाकिस्तान की साजिश करार देते हुए जमकर हंगामा किया।
भाजपा सदस्यों ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में शांति का माहौल देख बौखला गया है और यहां पर अशांति फैलाने के लिए आतंकी घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने सरकार से कहा कि वह आतंकवाद से सख्ती से निपटे, ताकि रियासत में हालात खराब करने की किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सांबा और कठुआ में आतंकी हमलों के बाद अब कश्मीर में आतंकी घटनाओं में लोगों की जानें गई हैं। यह गंभीर मसला है। पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश जाना चाहिए। इस अवसर पर चेयरमैन जहांगीर मीर ने भाजपा सदस्यों से कहा कि वह हंगामा न करें, वह जो संदेश देना चाहते हैं, वह उन्होंने दे दिया है।
अब सदन की कार्यवाही चलने दें। चेयरमैन के निर्देश के बाद भाजपा सदस्य अपनी सीटों पर बैठ गए।
सरकार को धमकी, अफस्पा हटा तो...
राज्य से अफस्पा हटा तो विरोध प्रदर्शन होंगे। इसके अलावा अलगाववादियों की सुरक्षा में सरकार करोड़ों रुपयों खर्च कर रही है, जिसका सरकार जवाब दे। यह बात जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के प्रधान सुनील डिंपल ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अलगाववादियों की सुरक्षा से लेकर होटलों में रहना और अन्य चीजों का ध्यान रखते हुए काफी पैसा खर्च कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के पुलिस जवानों को न ही हथियार दिए गए हैं और न ही बुलेट प्रूफ जैकेट, जिसके कारण आतंकवादी हमले में पुलिस जवान शहीद हो रहे हैं। सरकार की ओर से राज्य के खस्ता हालत पुलिस स्टेशनों के विकास के लिए साथ ही बाढ़ पीड़ितों को पैसा देने के बजाय अलगाववादियों की सुरक्षा पर फिजूलखर्ची कर रही है।
सुनील डिंपल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हैं कि वह उन सभी अलगाववादी नेताओं के नामों को उजागर करें, जिन पर पांच सौ करोड़ रुपये खर्च किए हैं। डिंपल ने कहा कि वह राज्य के मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हैं कि अगर राज्य से अफस्पा हटाय तो वह राज्य भर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।