श्रीनगर में सैलाब में फंसे शादीलाल को चार दिन बाद जब अपने भाई से बात करना नसीब हुआ तो वे अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके। आसमानी सैलाब से कई गुना ज्यादा दर्द इन आंसुओं के सैलाब में था। शादीलाल ने अपने भाई को बताया कि वह और उन जैसे तमाम लोग भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।
घाटी के गवर्नर हाउस के पास बने हेलीपेड पर हेलिकाप्टर पर अपने चढ़ने की बारी का इंतजार कर रहे लोगों का भूख प्यास से बुरा हाल हो रखा है। हेलीपेड में बीस हजार से भी ज्यादा लोग फंसे हैं। जो लोग हेलीपेड तक सुरक्षित पहुंच चुके हैं वे खाने-पीने की चीजें नहीं मिलने के कारण परेशान हैं।
तीन दिन बाद मिली भाई की खैर खबर
गंग्याल के एमके रैना ने बताया कि तीन दिन बाद आज बुधवार को उनका अपने भाई से संपर्क हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका भाई और परिवार हेलीपेड पर पहुंच तो गये हैं लेकिन तीन दिन से पानी और खाना नहीं मिलने के कारण सबका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
रैना ने बताया कि उनका भाई उनसे फोन पर रोते हुए बस यही कहे जा रहा है कि भाई आर्मी और प्रशासन को बोलो कि हेलीपेड में बिस्कुट और पानी ही मुहैया करवा दें हमें बहुत ही भूख और प्यास लगी है और ऐसा लग रहा है हम भूख प्यास से मर जाएंगे।
चार दिन बाद हुआ पति से संकर्प
चिनौर की रहेने वाली हैपी चाढ़क ने बताया कि उनके पति पिछले चार दिन से राजबाग के पास स्थित होटल की छत पर फंसे हुए हैं। उनसे आज ही सुबह फोन पर संपर्क हुआ था और वह कह रहे थे कि उनके पास कोई भी बचाव दल नहीं पहुंच पाया है।
उन्होंने कहा कि वह प्रशासन से अपील करते हैं कि वह लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने में मदद करे ताकि वह प्राइवेट विमानों के जरिये बाहर निकल सके। तालाब तिल्लो के सुमित सरीन ने बताया कि उनके रिश्तेदार अब भी अमीराकादल के गोनी खान मोहल्ले में फंसे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदारों में बीस इक्कीस सदस्य हैं जिनमें तीन साल से लेकर सात साल के बच्चे भी शामिल हैं। सुमित ने बताया कि उनके रिश्तेदारों से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि उनके बच्चे पिछले तीन दिन से भूखे हैं और बस पानी और खाने के लिए रोये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सेना और प्रशासन से बस यहीं कहना चाहते हैं कि लोगों को जल्द से जल्द सकुशल जम्मू लाया जाए।