रियासत के दरबार मूव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। दस दिन बाद यानी 24 अप्रैल को विंटर कैपिटल जम्मू से राजधानी श्रीनगर शिफ्ट हो जाएगी। पिछले छह माह से गुलजार जम्मू शहर की रौनक अब कुछ कम होने लगी है। लगभग छह हजार मुलाजिम दरबार मूव के साथ श्रीनगर शिफ्ट हो जाएंगे। ज्यादातर मुलाजिम श्रीनगर रवानगी के लिए अपना सामान पैक कर चुके हैं।
किराए पर मकान देने वाले लोग अब नये किराएदारों की तलाश में जुट गए हैं। हालांकि सचिवालय के कुछ मुलाजिम स्थायी तौर पर मकान ले लेते हैं और जब भी जम्मू आते हैं तो उसका उपयोग करते हैं, लेकिन ज्यादातर मुलाजिम मकान खाली कर देते हैं। सचिवालय के एक मुलाजिम का कहना था कि श्रीनगर में उनका अपना घर है, लेकिन दरबार मूव होने के साथ वह छह माह के लिए यहां किराए का मकान ले लेते हैं।
अब अगले छह माह श्रीनगर में रहना है तो जम्मू में किराया देने का कोई औचित्य नहीं है। सचिवालय कर्मचारियों के श्रीनगर रवानगी के साथ कारोबार में भी इसका अच्छा-खासा असर देखने को मिलता है। व्यापारियों का कहना है कि छह हजार मुलाजिमों में से कई अपने परिवार के साथ जम्मू आ जाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रीनगर से लोग अपने कामों के लिए सचिवालय आते रहते हैं। अब सारा काम श्रीनगर में होगा।
ऐसे में यहां के कारोबार में काफी असर पड़ता है। इतना ही नहीं, होटल संचालक भी अब श्री अमरनाथ यात्रा का इंतजार करने लगे हैं। एक होटल मालिक का कहना था कि दो जुलाई तक उनका कारोबार काफी मंदा हो जाएगा। सचिवालय के काम से आने वाले लोग होटलों में ठहरते हैं, लेकिन अब कमरे खाली हो चुके हैं। उन्हें अब दो जुलाई तक कारोबार सामान्य होने का इंतजार करना होगा।