श्री अमरनाथ यात्रा के दरम्यान जम्मू-श्रीनगर हाईवे चुनौती बनेगा। इसे चाहे सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए या फिर खस्ता हालत के लिहाज से। वर्तमान में हाईवे कई जगह टूटा है। बारिश होने पर मार्ग बंद कर दिया जाता है। इसमें काजीगुंड बनिहाल के बीच का हिस्सा समेत बटोत, नाशरी, सिंथन सहित कुछ और हिस्से शामिल हैं। बारिश होने हाईवे कई जगह ब्लाक हो जाता है और कई दिन बंद रहता है।
पिछले वर्ष कश्मीर में आई बाढ़ और पिछले महीनों बेमौसम बारिश ने हाईवे की हालत बिगाड़ कर रख दी है। इसको ठीक करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भी हाईवे की हालत ठीक करने के लिए कहा है, लेकिन यात्रा शुरू होने तक हालत ठीक होते नजर नहीं आ रही है। आईजीपी, जम्मू दानेश राणा ने भी कहा है कि यात्रा में सुरक्षा और अलगाववादियों से ज्यादा हाईवे की खस्ताहाल समस्या है।
इसके बार-बार बंद होने से समस्या पेश आती है। जिन जगहों पर रास्ते ब्लाक हो जाते हैं, उन क्षेत्रों पर यात्रियों के रुकने की व्यवस्था रहेगी ताकि यात्रियों को परेशानी न सहनी पड़े। यात्रा के दौरान कुछ जगहों पर ही यात्रियों के रुकने की व्यवस्था रहती है। इस बार हाईवे पर उन हिस्सों पर भी यात्रियों के रुकने की व्यवस्था पर विचार चल रहा है, जहां रास्ता ब्लाक हो जाता है।
मौसम बना पहेली
आठ महीनों से मौसम रियासत के लिए पहेली बना हुआ है। मौसम विभाग मौसम साफ रहने की भविष्यवाणी करे तो मौसम खराब हो जाता है और मौसम खराब रहने की हो तो मौसम साफ रहता है। मौसम विभाग के भी समझ में नहीं आ रहा है। पिछले आठ महीने में बेमौसम बारिश की मार हाईवे पर पड़ी है। यही कारण है कि इस बात पर संशय है कि यात्रा के दौरान मौसम ठीक रहेगा या नहीं।