ऐतिहासिक मुगल रोड पर बनाई जाने वाली टनल के निर्माण में अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों की राय ली जाएगी। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट में राज्य की निर्माण कंपनियों के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
राज्य की तीन अन्य टनलों की भी डीपीआर बनाई जा रही है। करीब एक साल तक का समय रिपोर्ट बनाने में लगेगा। टनल बनने से मुगल रोड पर बारहों महीने आवाजाही हो सकेगी। इस रोड से पुंछ और राजोरी जिले के लोग घाटी से दो चार घंटे में ही जुड़ जाते हैं।
पीडब्ल्यूडी मंत्री मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने अमर उजाला को बताया कि मुगल रोड पर करीब नौ किलोमीटर लंबी टनल बनाई जाएगी। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट तैयार करने में विदेशी कंपनियों और देश की नामी कंपनियों से बात की जा रही है ताकि टनल पूरी तरह से सुरक्षित और बेहतर बन सके।
एक साल तक इस रिपोर्ट के बनने के आसार हैं। इसके बाद तय होगा कि कितने लागत से इस टनल को बनाया जाना है। इसके अलावा कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ में भी तीन टनल बनाई जानी हैं। इनकी भी डीपीआर तैयार होनी है।
मुगल रोड साल में छह महीने से अधिक बंद रहता है। टनल को बफलियाज और शोपियां के बीच तत्तापानी के पास से बनाया जाएगा। करीब नौ किलोमीटर लंबी टनल के बनने से पुंछ जिले की दूरी श्रीनगर से तीन से चार घंटों में सिमट जाएगी।
रियासत सरकार मुगल रोड को हाईवे का दर्जा देने की योजना बना चुकी है, जिस पर केंद्र की भी लगभग सहमति बन चुकी है। मुगल रोड पर पिछले पांच साल से लगातार आवाजाही हो रही है, लेकिन अधिक बर्फ होने से इस पर आवाजाही छह महीने बंद रहती है।