पूर्व सरकार की ओर से तैयार की गई परिवहन नीति दोबारा से तैयार होगी, ताकि शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। नई नीति में विभाग आरएंडबी, पीडब्ल्यूडी, विदेशी कंपनियों की मदद लेगा। बहुत जल्द इसे लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
यह प्लान अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, ताकि आने वाले साल में किसी प्रकार की कोई दिक्कत पैदा न हो। उल्लेखनीय है कि पुरानी नीति पूर्व सरकार लागू नहीं कर पाई थी। इसलिए अब नई सरकार अपने तरीके से इसे बनाकर लागू करना चाहती है।
परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि पूर्व सरकार ने हर एक योजना को बेतरतीब ढंग से बनाया। जिसको वह खुद ही नहीं चला पाए। शहर के लिए परिवहन नीति नए तरीके से बनाएगी। इसमें संबंधित तमाम विभागों को शामिल किया जाएगा।
आरएंडबी, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस, नगर निगम, जेडीए आदि को शामिल करके नई नीति बनाई जाएगी। पुरानी नीति के तहत बनाए जाने वाले सब वे और मेट्रो को भी शामिल किया जाएगा। कोहली का कहना है कि मेट्रो शहर की आवश्यकता है।