वीडियो सर्विलांस बाल से मुठभेड़ पर नजर रखी जाएगी
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रियासत में आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले आपरेशन में एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक का नाम है वीडियो सर्विलांस बाल। सरल भाषा में बताएं तो एक गेंद होगी। जिसके बीच एक वीडियो सर्विलांस सिस्टम होगा। इस गेंद का इस्तेमाल दो तरीकों से होगा। या तो इसे फेंका जाए या फिर इसे आगे धकेल दिया जाए। इसके माध्यम से मुठभेड़ स्थल की सुरक्षाबल जानकारी ले सकेंगे। बहरहाल, राज्य पुलिस इस सिस्टम को लाने जा रही है। अगले दो महीने तक इसके आने की संभावना है।
अब तक मुठभेड़ स्थल पर सिर्फ ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाती थी। इनसे पता लगाया जाता था कि आतंकी किस दिशा में छुपे हुए हैं। उनकी गतिविधियां क्या हैं। ठीक इसी तरह से इस गेंद से नजर रखी जाएगी। पुलिस मुख्यालय में तैनात एआईजी ट्रांसपोर्ट, मुब्बसर लतीफी का कहना है कि कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के वक्त यह सिस्टम काफी मददगार साबित होगा। इसमें काफी कुछ है, जिसके बारे साझा नहीं किया जा सकता।
क्या होंगी विशेषताएं
इस गेंद में आडियो और वीडियो सर्विलांस की क्षमता होगी। 20 मीटर की दूरी तक इसे फेंका जा धकेला जा सकता है। यह बिल्कुल भी टूटेगा नहीं। क्योंकि इसको इसी तरह से बनाया गया है कि टूटे न। 360 डिग्री के एंगल से यह वीडियो और आडियो रिकार्डिंग कर सकता है। दो घंटे तक लगातार यह काम कर सकेगा। रात में भी नजर रखने में सक्षम होगा।
ऐसे मिलेगी जानकारी
एक पोर्टेबल रिमोट डिस्पले यूनिट होगी। जिसमें पांच इंच का टीएफटी स्क्रीन होगा। इसमें डीवीआर को भी इनबिल्ट किया जा सकता है, ताकि रिकार्ड और प्ले बैक किया जा सके।
तकनीकी विशेषताएं
इमेज सेंसर, आडियो माइक्रोफोन, वीडियो एंड आडियो ट्रांसमिशन, कैमरा सेंसर से लैस इस गेंद का वजन एक किलो होगा।