चुनाव मैदान में उतरे निर्दल प्रत्याशियों और उनके समर्थक वोटरों को रिझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। हर रोज नया तरीका निकाला जा रहा है, क्योंकि अधिकतर मतदाताओं को राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न ही याद रहते हैं। ऐसे में निर्दल प्रत्याशियों को अपना चुनाव चिह्न लोगों को याद दिलाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।
इसलिए अब प्रत्याशियों ने एक नया तरीका निकाला है। इसमें प्रत्याशी गुपचुप तरीके से वोटरों को अपने-अपने चुनाव चिह्न से बनी वस्तुएं दे रहे हैं, ताकि उनको मतदान के दिन उनका चुनाव चिह्न याद रहे।
चुनाव में निर्दल उम्मीदवारों के चिह्न सिलाई मशीन, पंखा, जग, टेबल, कुर्सी आदि हैं। ऐसे में उम्मीदवार इन चिह्नों की असली वस्तुएं लोगों में बांट रहे हैं, ताकि मतदाताओं को मतदान के दिन उनका चुनाव चिह्न याद रहे। मतदाताओं को रिझाने के लिए निर्दल उम्मीदवारों ने यह नायाब तरीका निकाला है। देखना होगा कि उनकी यह तरकीब कितनी कारगर साबित होती है।
शराब का कोटा अभी से जमा
चुनाव आयोग की पैनी नजर के बावजूद चुनाव प्रचार में शराब का इस्तेमाल हो रहा है। प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए युवाओं को नशेड़ी बना रहे हैं।
प्रचार करने और नेताओं की जय-जय करने के लिए युवाओं को शराब पिलाई जा रही है और इसमें वे दिनभर नारेबाजी करते रहते हैं। हालांकि आबकारी विभाग की शराब की बिक्री पर पैनी नजर है, लेकिन बावजूद इसके शराब का इस्तेमाल किया जा रहा है।