जम्मू विश्वविद्यालय में पीजी के लिये दाखिलों हेतु आ रहे छात्रों में से कई ऐसे हैं जो पहली बार परिसर में कदम रख रहे हैं। इन छात्रों का उत्साह और जोश देखते ही बनता है।
मजेदार बात यह है कि इनकी पहचान भी दूर से ही हो जाती है। परिसर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण एक विभाग से दूसरे विभाग में भटकते और गप्पे लगाते इन छात्रों की खुशी भी साफ झलकती दिखाई पड़ती है। इनमें से कई ऐसे भी हैं जो रिपेयर आने पर परीक्षा और रिवैल्यूएशन फार्म भरने के लिये पहली बार जेयू में आ रहे हैं।
कठुआ जिले के गांव सोन्थल की रहने वाली नैंसी बन्द्राल ने कहा कि वह इससे पहले जम्मू विश्वविद्यालय नहीं आई थी। वह अपनी सहेलियों के साथ बीएड का पता करने आई। उनके लिये यह अनुभव काफी अच्छा रहा और वे अपनी सहेलियों के साथ आगे की पढ़ाई के लिये जेयू में प्रवेश हेतु आवेदन भर रही हैं।