-अब सिर्फ जीएसटी से जुड़े बैंक खाते में ही होगा ठेकेदारों को भुगतान
- सरकार ने ई-टेंडरिंग में जोड़ा नया नियम
- सभी विभागों को टेंडर दस्तावेज तुरंत संशोधित करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और वित्तीय लेन-देन को ट्रैक करने योग्य बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब किसी भी सप्लायर या ठेकेदार को सरकारी भुगतान तभी मिलेगा, जब उसने बोली लगाते समय अपना जीएसटी से जुड़ा बैंक खाता बताया हो।
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी विभाग अब टेंडर प्रक्रिया में यह शर्त अनिवार्य रूप से शामिल करें कि बोली लगाने वाले को अपने जीएसटी पंजीकरण से जुड़ा बैंक खाता नंबर देना होगा। किसी भी हाल में सरकार की ओर से भुगतान उसी खाते में किया जाएगा, जो जीएसटी नंबर से जुड़ा होगा।
आदेश में कहा है कि कई मामलों में यह देखा गया कि ठेकेदारों द्वारा दिए गए खाते उनके जीएसटी पंजीकरण से नहीं जुड़े होते। इससे न सिर्फ वित्तीय लेन-देन पर नजर रखने में परेशानी होती है, बल्कि सरकार को राजस्व हानि भी हो सकती है। ऐसे में यह कदम जरूरी हो गया था। वित्त विभाग के मुताबिक, दो लाख पचास हजार रुपये से अधिक के टेंडर पर जीएसटी के तहत एक-एक प्रतिशत की कटौती राज्य और केंद्र सरकार करती है। ऐसे में ठेकेदारों का सही बैंक खाता सिस्टम में होना जरूरी है ताकि समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल हो सके और भुगतान पर नजर रखी जा सके।
आदेश में सभी विभागों को सरकारी उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि अपने टेंडर दस्तावेजों और शर्तों में इस बदलाव को तुरंत लागू करें।