सूत्रों ने बताया कि पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग भी पार्टी का हिस्सा हो सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह पीडीपी के लिए एक और बड़ा झटका होगा, क्योंकि बेग पीडीपी के संस्थापक सदस्य हैं। पिछले महीने उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि महबूबा मुफ्ती की ओर से अनुच्छेद 370 व 35ए को लेकर दिया गया भड़काऊ बयान भी इसके हटने की एक प्रमुख वजह है।
राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चा
नई पार्टी के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसके पीछे केंद्र तथा भाजपा का हाथ है। केंद्र के इशारे पर ही घाटी में नेकां तथा पीडीपी को हाशिये पर करने के लिए नई पार्टी का गठन करवाया जा रहा है। इसके लिए पीडीपी छोड़ चुके नेताओं को आगे कर दांव लगाया गया है।
नई पार्टी का नाम तय कर लिया गया है। संविधान समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही नई पार्टी की घोषणा की जाएगी। 1947 के बाद जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के लिए नौकरी व जमीन की सुरक्षा तथा पूर्ण राज्य का दर्जा देने जैसे मुद्दे एक हैं। यह एक मौका है दोनों संभाग के लोगों को जोड़ने का। यही पार्टी का एजेंडा भी होगा।
- अल्ताफ बुखारी, पूर्व मंत्री