सरकार के सभी मंत्रियों को इस्टेट विभाग ने सरकारी बंगले दे दिए हैं, लेकिन कई मंत्रियों को यह पसंद नहीं आ रहे। इसलिए दूसरे बंगले लेने की डिमांड की जा रही है। नवनिर्वाचित विधायकों को भी सरकारी आवास देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हालांकि विधायकों में भी कई ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी पसंद के घर लेने की इच्छा जताई है। अधिकतर विधायक चाहते हैं कि उन्हें विधायक होस्टल में ही रहने की जगह मिले। 17 मार्च को विधायकों को शपथ दिलाई गई थी। इसके बाद सभी सरकारी आवास लेने के हकदार हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार सरकार के 23 मंत्रियों ने पहले ही शपथ ली थी। इसलिए इनको सरकारी आवास दे दिए गए। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पास पहले से ही प्रोटोकोल के मुताबिक अलग से बंगला रहता है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला चुनाव ने परिणाम सामने आने कुछ दिन बाद ही मुख्यमंत्री आवास छोड़ दिया था। इस्टेट विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि शपथ होने के बाद सभी मंत्रियों को सरकारी आवास दे दिए गए हैं, लेकिन कुछ मंत्रियों का कहना है कि उन्हें बंगले पसंद नहीं आ रहे।
दूसरे बंगलों का इंतजाम किया जाए। अब विभाग दूसरे आवास देख रहा है। अब विधायकों को भी आवास देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले कुछ दिन में अलाटमेंट हो जाएगी।