जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नई उद्योग निवेश नीति को अब देश भर में समर्थन मिलने लगा है। स्थानीय उद्यमियों की सलाह से तैयार की गई नीति पर केंद्र सरकार ने अपनी मुहर लगाई थी। इसी नीति पर व्यापक चर्चा के लिए बुधवार को लद्दाख, जम्मू-कश्मीर इकनॉमिक ग्रोथ एंड डेवलपमेंट डायलॉग की पहल पर आयोजित सेमिनार में जम्मू-कश्मीर ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन की एमडी अंकिता कार ने भी विचार रखे। सेमिनार में देश भर के विभिन्न राज्यों गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर आदि से सौ से अधिक प्रतिष्ठित उद्यमियाें ने शिरकत की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर में नई उद्योग निवेश नीति को मील का पत्थर बताया गया।
सेमिनार में लद्दाख, जम्मू-कश्मीर ग्रोथ एंड डेवलपमेंट डायलॉग से गुजरात के उद्यमी सुनील शाह, दिल्ली से मनीष आहलुवालिया और जम्मू से सीए राजीव गुप्ता ने उद्यमियों का प्रतिनिधित्व किया। सुनील शाह ने कहा कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर की सरकार ने एक बढ़िया इंडस्ट्रियल इनवेंस्ट पॉलिसी बनाई है। इससे अगले दो तीन साल के अंदर जम्मू-कश्मीर में बड़ा निवेश आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्य इस तरह के अलग-अलग विषय पर पूरे देश के सभी राज्यों में जाएंगे और विभिन्न औद्योगिक संगठनों, समूहों और एसोसिएशनों से जुड़ेेंगे। सुनील शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर देश का मुकुट है और आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर देश में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश का भी मुकुट बनेगा। सेमिनार में भाग लेने वालों में गुजरात से अंतरराष्ट्रीय निवेश सलाहकार पीके मोदी सीए, एसोचैम के उपाध्यक्ष और देव ग्रुप के एमडी जैमिन शाह, केमिकल फार्मा एसोसिएशन गुजरात के अध्यक्ष जेयमी वासा, प्लास्ट इंडिया के अध्यक्ष जीगेश दोषी, टीआईई गुजरात के अध्यक्ष सौरभ मेहता, माई होम कलेक्शंस नोएडा के शमसु अंसारी, पालीवाल होम फर्निशिंग पानीपत से यूडी पालीवाल और पार्थ पालीवाल, जम्मू-कश्मीर से यूनाइटेड स्टील इंडस्ट्रीज से हरिंद्र गुप्ता, पर्यटन क्षेत्र से राजेश गुप्ता, ट्रेड एंड हाउसिंग क्षेत्र से बलदेव सिंह और त्रिवेणी नर्सिंग होम से डॉ. आरके सूरी प्रमुख थे।