रियासत में बिजली किराया बढ़ोतरी पर फैसला अब पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार पर निर्भर है। बिजली विभाग किराया बढ़ोतरी पर बिजली विभाग अपना प्रस्ताव सौंप चुका है। ऐसे में नई सरकार पर अब सब दारोमदार हैं कि वह कितना किराया बढ़ाती हैं और कब से किराया बढ़ाती है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग की ओर से किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव मंजूरी के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को फरवरी महीने में ही सौंप दिया गया था। बिजली विभाग ने अपने प्रस्ताव में पिछले तीन साल से किराया बढ़ोतरी रियासत में न होने का हवाला देने के अलावा लगातार बढ़ रहे बिजली घाटे को भी दर्शाया था।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर समाज के विभिन्न वर्गों के उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों से चर्चा भी की थी। चार अप्रैल 2016 को रियासत में पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के सत्तासीन होने के बाद अब राज्य सरकार आते ही किराया बढ़ोतरी नहीं करना चाहती।
सरकार चाहती हैं कि कुछ महीनों के बाद ऐसा किया जाएं। नाम न छापने की तर्ज पर बिजली अधिकारियों का कहना हैं कि अगर राज्य सरकार ने बिजली किराया में बढ़ोतरी में देरी की तो बिजली घाटा इस साल पिछले साल से भी आगे निकल जाएगा।