दो जिलों की प्रशासनिक इकाईयों से केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख में प्रशासन के नवनियुक्त आयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू ने कार्यभार संभाल लिया है। लेह में जिला उपायुक्त पद पर सेवाएं दे चुके साहू अब नए लद्दाख की बुनियादी जरूरतों को चिह्नित कर उन्हें पूरा करने की योजना पर काम करेंगे।
अमर उजाला से बातचीत में अजीत कुमार साहू ने कहा कि वे लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतियों और जरूरतों से बहुत हद तक पहले से परिचित हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख को सबसे पहले सरकारी मशीनरी की जरूरत है। अफसरों और कर्मचारियों की पूरी करने के लिए बतौर प्रशासनिक सचिव वह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
साहू ने कहा कि केंद्र ने लद्दाख में आधारभूत ढांचा खड़ा करने के लिए सात हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया है। इस पैकेज को जमीनी स्तर पर उतारने पर खास फोकस रहेगा। जलवायु से जुड़ी चुनौतियों पर प्रशासन के आयुक्त सचिव ने कहा कि बर्फबारी से संपर्क कटने की वजह से लद्दाख में कामकाज की अवधि चार से छह माह ही मानी जाती है। वह प्रयास करेंगे कि काम की अवधि को किसी तरह से बढ़ाया जा सके। सर्दियों के सीजन में भी विकास गतिविधियां चलाना संभव हो सका तो वह इसे जरूर सुनिश्चित करेंगे।
पर्यटन को बढ़ावा
साहू को पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं का भी खासा अनुभव है। वह जम्मू-कश्मीर में कई पर्यटन विकास टूरिस्ट सर्किट की योजनाओं पर काम कर चुके हैं। साहू ने कहा कि लद्दाख में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। कोरोना की वजह से पिछला सीजन चौपट हो गया है। इस क्षेत्र को रिवाइव करने के लिए भी काम करेंगे।
इन विभागों का है प्रभार
सामान्य प्रशासनिक विभाग (जीएडी), पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, पीडब्ल्यूडी, आवास एवं शहरी विकास, स्कूल शिक्षा, एस्टेट, हॉस्पिटेलिटी एंड प्रोटोकॉल