नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के संपत्ति के वितरण संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर उन्हें अफसोस है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म सबके साथ मिलकर चलना सिखाता है। उनके धर्म ने उन्हें कभी भी दूसरे धर्मों को नीचा देखना नहीं सिखाया, बल्कि हमेशा सम्मान करना सिखाया है।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'इस्लाम धर्म में लिखा है कि जैसे अपने धर्म की इज्जत की जाती है वैसे ही दूसरे धर्मों की भी इज्जत करो। ऐसा समय कभी नहीं आएगा कि एक मुस्लिम किसी मां बहन का मंगलसूत्र छीनेगा। वो मुसलमान नहीं है। वो कभी इस्लाम को समझता नहीं है। एक शक्स को आप मारोगे तो वो इंसानियत का कत्ल है। मैं भी मुसलमान हूं, मेरे इस्लाम ने यह नहीं सिखाया कि दूसरों से नफरत करो। मैं उतना ही हिंदू से मोहब्बत करता हूं जितना सिख या मुसलमान से। इसी से भारत तरक्की करेगा।'
साथ ही उन्होंने गुलाम नबी आजाद, अल्ताफ बुखारी और सज्जाद लोन को भी घेरा। उन्होंने कहा, 'मैं तीनों से (आजाद, सज्जाद या बुखारी) से ये कहना चाहता हूं कि उन्हे यह देखना चाहिए जिनके तरफ से वो खड़े हैं उनका मुसलमानों के प्रति क्या रवैया है। कैसे मुसलमान बचेंगे अगर यह वापस आए तो। न सिर्फ जम्मू कश्मीर के बल्कि क्या हिंदुस्तान के मुसलमानों की इज्जत रहेगी या नहीं रहेगी। उनसे यह सवाल पूछिए। मुझे अफसोस है। अल्लाह इनको सही रास्ता दिखाए।'