अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए गिरफ्तार नेकां नेता तथा पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर को रविवार को उत्तर प्रदेश के बरेली जेल में भेज दिया गया। यह मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के पहले नेता है जिन्हें राज्य से बाहर की जेल में भेजा गया है। ज्ञात हो कि महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, सज्जाद गनी लोन, इमरान रजा अंसारी समेत विभिन्न दलों के 600 से अधिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को अब तक हिरासत में लिया गया है।
सागर को पांच अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती के साथ हिरासत में लिया गया था। इससे पहले जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां कय्यूम को आठ अगस्त को घाटी से एहतियाती तौर पर उत्तर प्रदेश की आगरा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। कय्यूम अलगाववादी नेताओं से जुड़े कई मामले देखते हैं। इसके साथ ही कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी मुबिन शाह उन बंदियों के समूह में शामिल थे, जिन्हें श्रीनगर से गत वीरवार को आगरा ले जाया गया था।
बाहर भेजे गए लोगों में अलगाववादी तथा पत्थरबाज भी शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि शांति व्यवस्था को खतरा देखते हुए जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाया जा सकता है। हालांकि, इसकी किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ज्ञात हो कि अनुच्छेद हटाए जाने के बाद पांच अगस्त को घाटी में पाबंदियां लगा दी गई थी। घाटी में गिरफ्तार लोगों को पहले भी आगरा और बरेली की जेलों में भेजा गया है।