नेशनल कांफ्रेंस ने पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार की नई भर्ती नीति को युवा विरोधी करार देते हुए विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर इस पर चर्चा करवाये जाने की मांग की है। जम्मू में शेर ए कश्मीर भवन में पत्रकार वार्ता में संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि नई भर्ती नीति पूरी तरह से युवाओं के साथ भद्दा मजाक है।
जम्मू कश्मीर पब्लिक सर्विस कमीशन और राज्य सेवा भर्ती बोर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को किनारा कर जिला आधार पर जिला उपायुक्त के माध्यम से नियुक्तियां किये जाने का पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार का फैसला जन विरोधी भी है। राणा ने कहा कि सात साल कांट्रैक्चुअल आधार पर युवाओं को भर्ती करने के बाद प्रदर्शन के हिसाब से उसको नियमित करने का प्रावधान से भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद के अलावा बेरोजगार शिक्षित युवाओं का शोषण होने की आशंका है।
नेशनल कांफ्रेंस ने राज्यपाल एन. एन वोहरा से मुलाकात कर र्नई भर्ती नीति और पुलिस भर्ती नीति पर पार्टी का पक्ष उनके समक्ष रखते हुए इस नीति को वापिस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस इस गंभीर मसले पर खामोश नहीं रह सकती। सरकार को इस मसले पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए ताकि इस नीति पर चर्चा हो। राणा ने कहा कि पुलिस भर्ती को भी प्राइवेट फर्मों के माध्यम से करवाने पर भी सवाल उठाये।
इस अवसर पर पार्टी उपप्रधान रतन लाल गुप्ता व अन्य भी मौजूद रहे। नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला हैं कि राज्यपाल ने नई भर्ती नीति को समीक्षा के लिए सरकार को वापिस लौटा दिया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस राज्यपाल के कदम का स्वागत करती है और रियासती सरकार से अपील करती हैं कि वह इस मामले में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये।