जम्मू। प्रदेश मेंविधानसभा सीटों के परिसीमन के लिए पहले दौरे पर आई आयोग की टीम के सामने नेकां, भाजपा, अपनी पार्टी, पीपुल्स कांफ्रेंस, बसपा, कांग्रेस, भाकपा, माकपा के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों की 17 जिला इकाइयों ने मुलाकात की। सभी ने निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से चुनाव की बात रखी। सभी दलों ने अपनी चिंताओं तथा मांगों को आयोग के समक्ष रखा। नेकां व कांग्रेस ने राज्य का दर्जा बहाली के बाद ही इस प्रक्रिया को करने की मांग रखी।
नेकां बोली, 2026तक परिसीमन पर थी रोक तो यहां क्यों किया जा रहा
नेकां ने कहा कि परिसीमन कवायद तब तक नहीं की जानी चाहिए जब तक कि उच्चतम न्यायालय जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून 2019 की सांविधानिक वैधता और अन्य संबंधित आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला ना कर ले। आयोग से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नेकां के नेता नासिर वानी ने कहा कि पार्टी ने आयोग को बताया कि लोगों का संस्थानों में भरोसा खत्म हो गया है। यह आयोग का काम है कि वह इस भरोसे को बहाल करने की कोशिश करे। 2019 का जम्मू-कश्मीर अधिनियम गैर सांविधानिक है और इस फैसले के बाद जम्मू कश्मीर के लोगों का विश्वास खत्म हुआ है। आयोग को विश्वास बहाली को लेकर काम करना चाहिए। परिसीमन आयोग एक न्यायिक प्राधिकरण है और इसे पूरी पारदर्शिता से काम करना चाहिए। भारत सरकार ने ही कहा था कि 2026 तक कोई परिसीमन नहीं होगा, तो जम्मू कश्मीर में ऐसा क्यों किया जा रहा है।
एसटी क्षेत्र को प्राथमिकता मिलनी चाहिए: भाजपा
परिसीमन आयोग की टीम के साथ मुलाकात में भाजपा के सोफी यूसुफ ने कहा कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों को अपना हक नहीं मिला है उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी तरह एसटी क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें गुरेज, करनाह, डुरू. अनंतनाग जैसे इलाकों को एसटी का लाभ दिया जाए। इसके अलावा जो निर्वाचन अलग-अलग जिलों में हैं मसलन अनंतनाग का आधा हिस्सा कुलगाम में है, ऐसे इलाकों में जिले के मुताबिक एक ही निर्वाचन क्षेत्र बनाया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को समान हक मिल सके। आयोग की टीम को यहां के हालात के बारे में जानकारी दी गई है। अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि हमने कुछ बिंदु उठाए हैं। जिले के भीतर निर्वाचन क्षेत्र होने चाहिए। यहां एसटी आबादी अधिक है, उनके लिए 8-9 सीटें आरक्षित करें। गुरेज जैसे कुछ क्षेत्रों में आबादी कम है, लेकिन क्षेत्र बहुत बड़ा है। लोगों के हित को देखते हुए कोई नया फैसला किया जाना चाहिए।
पीडीपी का कोई स्टैंड नहीं: अल्ताफ
श्रीनगर। भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने पीडीपी के परिसीमन प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेने पर कहा कि उनका कोई स्टैंड नहीं है। जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया था तो उन्होंने कहा था कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन फिर डीडीसी चुनाव लड़े। वे जानते हैं कि अनुच्छेद 370 कभी वापस नहीं आएगा। सर्वदलीय बैठक में चाहते थे कि चुनाव जल्दी हों।