रियासती सरकार ने साफ कर दिया है कि पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत एनएचपीसी से बिजली परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह रियासत के लोगों को गुमराह करने के लिए विधानसभा और विधान परिषद में हंगामा कर रही है।
यह पहली बार हुआ है कि पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार ने पूर्ववर्ती नेकां सरकारों की ओर से केंद्र को तोहफे में दिए बिजली परियोजनाओं को वापस लेने की कवायद शुरू की है।
मंत्री का कहना है कि नेशनल कांफ्रेंस को मामले में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सत्ता में बने रहने के लिए नेकां ही राज्य के जल स्त्रोतों को बेचने के लिए जिम्मेदार है। उनका कहना हैं कि नेकां ने एनएचपीसी से परियोजनाओं को वापस लेने के लिए कोशिश नहीं की।