उधमपुर हमले में पकड़े गए आतंकी नावेद को कोट भलवाल जेल में अन्य कैदियों की तरह ही खाना दिया जा रहा है। नावेद कसाब के बाद दूसरा पाकिस्तानी आतंकी है जो जिंदा पकड़ा गया।
लेकिन दोनों के मिजाज में जमीन आसमान का फर्क है। कसाब ने जहां अपने नखरों और नई नई मांगों से सबको परेशान कर रखा था, वहीं नावेद बिल्कुल शांत है। नावेद ने जेल में मिलने वाली दाल रोटी खाते वक्त कोई नखरा नहीं दिखाया और किसी विशेष खाने की मांग भी नहीं की।
वह अपने पास आने वाले हर किसी से सजा माफी की अपील करना नहीं चूकता। जेल के स्टाफ और संतरी से उसकी लगातार यहीं मांग चली आ रही है कि वह जिंदा रहना चाहता है।