फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोलों से छलनी मकानों पर अब कुदरत का कहर

Tue, 03 Mar 2015 01:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/अरनिया
विज्ञापन
विज्ञापन
सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए बारिश बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। हालात सामान्य होने के बाद गोलाबारी से छलनी मकानों में रह रहे लोग किसी तरह गुजर-बसर कर रहे थे। इस बीच मौसम की बेरुखी ने उनके सामने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कुदरत के कहर से उनका जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है।
विज्ञापन


पाक गोलों से दीवारों में पड़ी दरारों और क्षतिग्रस्त छत से बारिश का पानी घरों में जा रहा है। इससे उनके गिरने की आशंका भी सताने लगी है। मवेशियों के चारे पर भी संकट मंडराने लगा है। मौसम खराब होने के कारण लोग मवेशियों के लिए चारे लाने के लिए घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। उधर गेहूं की फसल भी दांव पर लग गई है।

ओम प्रकाश यादव, दर्शन लाल, प्रेमचंद, रामलाल, पूरण चंद, अतर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में रहना अब दुश्वार होता जा रहा है। पहले गत वर्ष आई बाढ़ से फसल चौपट हो गई। बाढ़ का कहर थमा तो पाकिस्तानी गोलाबारी ने पलायन करने पर मजबूर किया। गोलों से छलनी मकानों में किसी तरह गुजर-बसर कर रहे थे कि मौसम ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें