रामबन के बैटरी चश्मा इलाके में पस्सियां गिरने पर शनिवार को करीब 14 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। राजमार्ग के बंद होने पर रामबन व उधमपुर में सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए। घंटों के इंतजार के बाद शाम छह बजे राजमार्ग खुला और सबसे पहले रामबन के आसपास फंसे वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया गया।
जानकारी अनुसार रामबन में शुक्रवार को पूरी रात तेज बारिश होती रही और बारिश के दौरान ही शनिवार तड़के करीब चार बजे अचानक ही रामबन के बैटरी चश्मा इलाके में पस्सियां गिरने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। राजमार्ग के बंद होने के बाद रामबन में राजमार्ग पर घाटी की तरफ जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। राजमार्ग के बंद होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उधमपुर से भी घाटी की तरफ जाने वाले वाहनों के आगे बढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
वहीं नेशनल हाईवे अथारिटी ने सुबह बारिश बंद होने के बाद राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया। राजमार्ग के बंद होने पर उधमपुर के जखैनी, भारत नगर, संगूर, रठियान, बट्टलबालियां, गरनई, मांड, टिकरी में सुबह से शाम तक रोके गए वाहनों की लंबी कतार लगी रही। मौसम साफ होने पर जब धूप तेज हुई तो जखैनी व भारत नगर में रोके गए वाहनों में सवार यात्री गर्मी से परेशान हो गए और वाहनों से बाहर निकल आए।
फिर सभी दिन भर राजमार्ग के खुलने का इंतजार करने लगे। रोके गए स्थान पर पीने का पानी व शौचालय की सुविधा न होने के कारण दिन भर यात्रियों व चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम छह बजे नेशनल हाईवे अथारिटी को राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली। राजमार्ग के खुलने पर पुलिस ने सबसे पहले रामबन में फंसे वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया। जब वाहनों का चलना शुरू हुआ तो देखते ही देखते जाम की स्थिति पैदा हो गई और जाम लगने पर फिर से यातायात व्यवस्था खराब हो गई। उधमपुर से देर शाम तक पुलिस ने रोके गए वाहनों को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी थी।