आईआईआईएम कोविड लैब की नोडल अफसर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरलीन कौर का कहना है कि वह लैब में सुबह 8 बजे पहुंचती हैं और दो शिफ्टों की रिपोर्टिंग तक वहीं पर रहती हैं। लैब में 15000 से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। लैब में स्टाफ सहयोगियों का हौसला बढ़ाने के साथ पूरी एहतियात बरती जाती है।
डॉ. कौर के अनुसार घर पर अलग से कमरे में रहना पड़ता है, लेकिन उन्हें इसका मलाल नहीं है। इस समय कोविड मरीजों की देखभाल के लिए उन्हें सबसे अधिक डॉक्टरों की जरूरत है। अगर डॉक्टर ही पीछे हट जाएंगे तो मरीजों का इलाज कौन करेगा। उन्होंने बताया कि परिवार में पति भी डॉक्टर हैं और वे भी अपने विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में कोविड मरीजों की सेवा से बढ़कर शायद कुछ नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी जागरूक कर रहे डॉ. विकास पाधा
श्री माता वैष्णो देवी नारायणा अस्पताल में बतौर सीनियर कंसल्टेंट आर्थोपेडिक्स एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट डॉ. विकास पाधा ने लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही अपना मोबाइल नंबर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया। वह रोजाना दस से पंद्रह लोगों को फोन पर ही परामर्श दे रहे हैं। डॉ. पाधा ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच समाज सेवा का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।