बीडीसी चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस में हलचल बढ़ी है। पार्टी हाई कमान ने स्थानीय इकाई को उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें जिला कमेटी, लॉ कमेटी, स्थानीय नेताओं को इसके लिए अधिकृत किया गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा के अनुसार अधिसूचना जारी करने के साथ सरकार ने पार्टी नेताओं से पाबंदियां हटाई हैं। इससे वे पंच, सरपंचों से संपर्क नहीं रख पाए हैं।
बीडीसी चुनाव के नामांकन के लिए समय नहीं बचा है, जिससे बड़े पैमाने पर तैयारी करना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आगामी दिनों में त्योहारों के चलते छुट्टियां आ रही हैं। ऐसे में सरकार को बीडीसी चुनाव की नामांकन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाना चाहिए। पार्टी ने राष्ट्रहित और लोकतंत्र के लिए बीडीसी चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में गुरुवार को बुलाई गई आपात बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की। बैठक में प्रस्ताव पारित करते हुए सांप्रदायिक सौहार्द, एकता, भाईचारे और लोकतंत्र को मजबूत बनाने का फैसला किया गया।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों के लिए नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) प्रयासरत रही है। पिछले दो महीने में राज्य में राजनीतिक गतिविधियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। उन्होंने घाटी में पार्टी के शीर्ष नेताओं पर अभी भी पाबंदियां जारी रखने की निंदा की।
उन्होंने कहा था कि मौजूदा सांसद, पांच बार मुख्यमंत्री रहे डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने देश में लोकतंत्र के साथ जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया है।