पीडीपी और नेकां के नेताओं ने की बैठक
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से घाटी में बंद पड़ी सियासी गतिविधियां फिर शुरू हो गई हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेशनल कान्फ्रेंस (नेकां) ने बैठकें बुलाकर विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया।
पीडीपी की बैठक में 7 जनवरी को पीडीपी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बरसी को लेकर प्रबंधों पर भी चर्चा की गई। युवा नेता ताहिर सईद ने बताया कि बैठक में फैसला किया गया कि कौन सी टीम बिजबिहाड़ा में मुफ़्ती साहब के मकबरे पर जाएगी। उस दिन श्रीनगर में भी पार्टी मुख्यालय में एक कार्यक्रम होगा।
सईद ने बताया कि घाटी में करीब चार महीने के दौरान हुई गतिविधियों और हालातों के साथ आगामी रणनीति पर भी चर्चा हुई। सियासी हस्तियों को हिरासत में लेने की भी निंदा की गई।
वहीं नेकां की श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में बुलाई गई राज्य स्तरीय बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। पार्टी प्रवक्ता इमरान डार ने बताया कि सीएए और सियासी कैदियों को लेकर दो प्रस्ताव भी पास किए गए।
पहला पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के अलावा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और सिविल सोसाइटी के सदस्यों की रिहाई की मांग। दूसरे में सीएए को पास किए जाने और जामिया मिलिया के साथ-साथ एएमयू में हुई हिंसा की निंदा की गई।