शहजादी ने आरोप लगाया कि कुछ अल्पसंख्यक संगठन और विदेशी ताकतें नहीं चाहतीं कि मुसलमान समृद्ध हों। कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमलों के बारे में कहा कि जो कुछ भी गलत करते हैं, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, ईसाई या सिख हों, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) की कार्यकारी अध्यक्ष सैयद शहजादी ने कहा कि दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर आयोग का पैनल सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा और उचित कार्रवाई की सिफारिश करेगा। उन्होंने कहा कि एनसीएम के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने जहांगीरपुरी का दौरा किया।
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बता दें कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान जहांगीरपुरी में दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद पथराव और आगजनी में आठ पुलिस कर्मी और एक स्थानीय घायल हो गए थे। कुछ वाहन भी जला दिए गए थे।शहजादी ने संवाददाताओं से कहा कि रिपोर्ट केंद्र और केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
अगर कुछ ऐसा है जिस पर कार्रवाई की जरूरत है तो हम निश्चित रूप से कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। अगर कुछ है तो अल्पसंख्यक आयोग निश्चित रूप से जवाब देगा। अमेरिका स्थित जेनोसाइड वॉच की एक रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कि भारत में मुसलमानों का नरसंहार हो सकता है, पर कहा कि विदेशी पूरी तरह से गलत हैं।
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अगर ऐसा होता तो हम यहां नहीं होते। यह पूरी तरह से गलत है और कुछ लोग इस देश को तबाह करना चाहते हैं, उनकी सोच ऐसी ही है। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक है, हमारा देश भारत है और हम भारतीय हैं। शहजादी ने कहा, कुछ लोग हमारे समुदायों के बीच दरार पैदा करना चाहते हैं, लेकिन हमें इस मुद्दे पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
बल्कि हमें अपने विकास पर ध्यान देना चाहिए। शहजादी ने आरोप लगाया कि कुछ अल्पसंख्यक संगठन और विदेशी ताकतें नहीं चाहतीं कि मुसलमान समृद्ध हों। उन्होंने कहा कि सब ठीक है।कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमलों के बारे में एक सवाल के जवाब में शहजादी ने कहा कि जो कुछ भी गलत करते हैं, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, ईसाई या सिख हों, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, समाज में शांति बनाए रखने के लिए हर धर्म के लोग महत्वपूर्ण हैं। देश का विकास तब नहीं हो सकता जब तक केवल हिंदुओं का ही विकास हो या मुसलमानों का ही। देश का विकास तभी होगा जब हम सब साथ रहेंगे और एक-दूसरे को समझकर काम करेंगे।