दिल्ली में सीआरपीएफ की 79 वीं वर्षगांठ परेड के अवसर पर माननीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नरेश कुमार असिस्टेंट कमाडेंट (सीआरपीएफ) को उनके पराक्रम और बहादुरी के लिए वीरता पदक से नवाजित किया। कमाडेंट नरेश कुमार साल 2013 में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स से जुड़े थे।
उन्होंने घाटी में कई एनकाउंटर में नेतृत्व भी किया है। बता दें कि उन्होंने अब तक करीब 15 ऑपरेशनों को लीड किया है जिनमें कई तलाशी अभियान भी शामिल हैं। किसी भी मुश्किल हालात से चुटकी में निपटने वाली क्विक रिएक्शन टीम को भी कई ऑपरेशन के दौरान लीड कर चुके हैं।
हाल ही में हुए करननगर मुठभेड़ में भी इन्होंने ही क्विक रिएक्शन टीम का जिम्मा संभाला था। बता दें कि इस मुठभेड़ में ही सीआरपीएफ की क्यूएटी ने मौके पर पहुंच कर दोनों विदेशी आतंकियों को मार गिराया था।
साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के नौहट्टा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ को लीड नरेश कुमार ने ही किया था। इस मुठभेड़ में भी जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया था।
नरेश ने कहा कि मेरे लिए यह एक क्षण कुछ इस प्रकार का है कि जब आपको लगता है कि आपके माता-पिता को आप पर गर्व से महसूस होगा कि उनके बेटे ने देश के लिए इस तरह के वीरतापूर्ण काम किया है।