प्रदेश में आतंकवाद के साथ नारको टेरज्मि पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। आतंकवादी घटनाओं के साथ नारको टेरज्मि के बढ़ते मामले काफी चिंता जनक है। साल 2020 में 1132 नारको टेरज्मि से जुड़़े मामलों दर्ज हुए हैं, जिनमें 1672 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। कई मामलों में पुलिस ने अन्य राज्यों से भी गिरफ्तार की है। बीते साल 152 क्विंटल हीरोइन, 563 क्विंटल चरस - गांजा और तीन लाख से अधिक नशीले कैप्सूल पकड़े है।
जम्मू में अमन और शांति को भंग करने के साथ पाकिस्तान युवाओं को नशे के दल-दल में धकेलने की पूरी कोशिश कर रहा है। प्रदेश में नारको टेरज्मि को बढ़ावा देने के लिए सीमा पार बैठे लोग नए-नए कथकंडे अपना रहे है। प्रदेश में बीते साल आधा दर्ज के करीब बड़े मामले नारको टेरज्मि से जुड़े है। सीमा पार से ड्रोन की मदद से नशे की खेप को भारत में भेजा जा रहा है।
हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो दर्जन के ऐसे मामलों को पकड़ा है। नारको टेरिज्म के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए ही इस वर्ष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया जो नारको टेरज्मि से जुड़े मामले पर जांच कर रही है। बीते साल की सबसे बड़ी हीरोइन की खेप अरियाना सेक्टर में 62 किलो हीरोइन की थी, जबकि कश्मीर संभाग के हंदवाडा में 12 किलो हीरोइन पकड़ी गई थी।
साइबर क्राइम से निपटने के लिए बनेगा साइबर एक्सीलेंस सेंटर
साइबर क्राइम की गंभीरता को देखते हुए पुलिस साइबर एक्सीलेंस सेंटर बनाने जा रही है। सेंटर बनाने के लिए जमीन चिन्हित की जा रही है, वर्तमान में पुलिस अकादमी में साइबर फॉरेंसिक लैब स्थापित की गई है, जहां पर काम किया जा रहा है। जल्द साइबर एक्सीलेंस सेंटर तैयार किया जाएगा। इसके साथ अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि साइबर क्राइम से जुड़े मामले पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। ब्यूरो