नगरोटा एनकाउंटर इत्तेफाक नहीं था। जम्मू के तेजतर्रार ‘आईपीएस’ आईजी मुकेश सिंह, जिनका एनआईए में बेहतरीन सेवा काल रहा है, उनके पास आतंकियों के आने की सूचना करीब पांच महीने पहले से थी। आईजी के पास ये ठोस इनपुट थे कि पाकिस्तान के दो बड़े आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' और 'लश्कर-ए-तैयबा' जम्मू संभाग में आतंकी हमला करने की योजना बना रहे हैं। उससे पहले भी इन संगठनों ने अपने गुर्गों को आगे भेजने का प्रयास किया था, लेकिन वे पकड़े गए थे।
आईजी मुकेश सिंह के अनुसार, जम्मू कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ लगातार सफलता मिल रही थी। घुसपैठ के लिए आतंकी नए नए रास्ते खोज रहे हैं। जिन इलाकों से वे पहले घुसपैठ करते रहे हैं, वहां भी सुरक्षा बलों की कड़ी चौकसी रही है। आतंकी, जम्मू क्षेत्र में आएंगे, ये पक्की सूचना थी। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा, इन दोनों संगठनों ने पहले भी प्रयास किया था। उनके कई प्रयासों को विफल बनाया गया।
जब से कश्मीर में आतंकियों का तेजी से सफाया होना शुरू हुआ है और उनके घुसपैठ वाले रास्तों को बंद कर दिया गया तो वे जम्मू के जरिए सीमा पार कर कश्मीर पहुंचने का प्रयास करने लगे। इसके अलावा, ये दोनों आतंकी संगठन, जम्मू संभाग में अपनी गतिविधियां शुरु करना चाहते थे। इन्होंने जम्मू के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय सीमा में घुसने की प्लानिंग की थी। सीधे बॉर्डर के किसी हिस्से से इनके लिए अब सीमा पार करना आसान नहीं है। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों से ये आतंकी सुरंग तैयार करने पर फोकस कर रहे हैं। कुछ माह पहले सांबा सेक्टर में सुरंग मिली थी।