जम्मू। नगर निगम ने प्लास्टिक कचरा कंपनियों को बेचने की योजना बनाई है। इसके लिए अगले माह से टेंडर निकाले जाएंगे। मौजूदा समय में प्लास्टिक कचरे का निस्तारीकरण नहीं हो पा रहा है। इसे मिट्टी में दवा दिया जाता है। अधिकांश वार्डों में इस कचरे से नाले और नालियां अवरुद्ध हो रही हैं। शहर में रोजाना 200 मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। घरों से भी कचरा पॉलीथिन में डालकर फेंका जा रहा है। इससे भी समस्या कम होने के बजाय बढ़ रही है। हालांकि पहले
हालांकि इससे पहले 2018 में एनएच अथॉरिटी को कचरा देने का करार हुआ था। कचरे का प्रयोग सड़कें बनाने के काम लाया जाना था, लेकिन यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा और 2019 में करार रद्द कर दिया गया। अब दोबारा प्लास्टिक कचरे को ठिकाने लगाने के लिए काम कंपनियों को सौंपा जाएगा। बाद में कपनियां ही प्लास्टिक कचरे के निस्तारीकरण संबंधी फैसला लेंगी। मौजूदा समय में कचरे को ठिकाने लगाने के लिए नगर निगम को मुश्किल हो रही है।
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प्लास्टिक के कचरे को नगर निगम कंपनियों के हवाले करेगा। इसके लिए फरवरी में टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। बाद में कंपनियां ही फैसला लेंगी की कचरे का क्या करना है। इस योजना पर काम चल रहा है।
- अवनी लवासा, आयुक्त, नगर निगम