जम्मू नगर निगम ने यूजर चार्जेज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। यूजर चार्जेज जमा न करने वाले शहर के 10 हजार लोगों का चालान काटकर निगम प्रशासन ने इन सभी को कोर्ट का दरवाजा दिखाया है। एपीएल, बीपीएल सहित नगर निगम की हद में 1.24 लाख मकान हैं। इनमें बस्तियां और झुग्गियां भी शामिल हैं। साफ सफाई के लिए घरों से 600 रुपये तथा दुकानदारों से 1200 रुपये सालाना वसूल किए जाते हैं।
इंस्पेक्टरों के अनुसार कई मुहल्ले में लोग आसानी से यह राशि जमा कर दे रहे हैं। कई इलाकों में लोगों को प्रेरित कर वसूली की जा रही है। लेकिन बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जो यह राशि जमा नहीं करना चाहते। ऐसे लोगों पर सख्ती करते हुए चालान काटा जा रहा है। हेल्थ विंग के अधिकारियों का कहना है कि 2014-15 में 98 लाख रुपये यूजर्स चार्जेज के रूप में वसूल किया गया था। 2015-16 में 2 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। ऐसे में सख्ती जरूरी है।
सख्ती करने को मजबूर होगा निगम: हेल्थ अफसर
अफसर डा. मोहम्मद सलीम खान का कहना है कि यूजर्स चार्जेज लेने में काफी सख्ती बरती जा रही है। हालांकि यह काफी मुश्किल है, बावजूद नगर निगम इस कार्य में जुटा है। अगर लोगों ने यूजर्स चार्जेज नहीं दिया तो मजबूरन निगम को सख्त रवैया अपनाना पड़ेगा।