उधमपुर। जम्मू-कश्मीर में भारतीय चुनाव आयोग के नए सीईओ के नियुक्त होने पर नगर परिषद के सात पार्षदों पर एक बार फिर से कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। इन पार्षदों पर एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत शिकायत दर्ज है और इसकी सुनवाई चुनाव आयोग ने करनी है। चुनाव आयोग में सीईओ का पद खाली होने के कारण करीब तीन महीने से यह मामला लटका है लेकिन अब इसको लेकर चुनाव आयोग अपना निर्णय ले सकता है।एक सितंबर 2022 में 11 पार्षदों ने नगर परिषद चेयरमैन डाॅ. जोगेश्वर गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसी दौरान चेयरमैन ने बताया था कि सात पार्षदों के खिलाफ एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत चुनाव आयोग ने शिकायत दर्ज करवाई है। इनमें छह पार्षद पैंथर्स पार्टी को छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए तो एक पार्षद कांग्रेस को छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थी। इससे ये लोग एंटी डिफेक्शन लॉ के अधीन आ गए थे और जब इन पार्षदों को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस आया तो इन लोगों ने बदला लेने के लिए गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर लिया था। चुनाव आयोग ने दोनों तरफ से दलीलें सुनने के बाद इसकी सुनवाई करनी थी, लेकिन इसी बीच चुनाव आयोग के सीईओ को पूरे भारत के चुनाव आयोग की जिम्मेदारी दी गई और जम्मू-कश्मीर में सीईओ का पद खाली हो गया। इसी के साथ यह मामला भी लटक गया लेकिन अब करीब तीन महीने के बाद पीके पोले के नया सीईओ नियुक्त होने के बाद फिर से इस मामले को लेकर निर्णय आने की उम्मीद जगी है और अब इन पार्षदों पर कार्रवाई होने की भी तलवार लटकने लगी है।
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नप चेयरमैन ने चुनाव आयोग में पेश किए हैं वीडियो और फोटोग्राफ
नगर परिषद चेयरमैन ने एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत शिकायत दर्ज करने के ही चुनाव आयोग के सामने इन छह पार्षदों के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के वीडियो और फोटोग्राफ जमा करवाए है। इनमें दिखाया गया है कि किस तरह से पार्षद आप के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। इसी के आधार पर इन पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।
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पैंथर्स पार्टी के छह पार्षद आप में शामिल होने से कर रहे इंकार
वहीं पैंथर्स पार्टी के छह पार्षद आप में शामिल होने से इंकार कर रहे हैं। इनका कहना है कि वह पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया का समर्थन करते हुए उनके साथ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गए थे। पूर्व विधायक ने आम आदमी पार्टी का कुछ समय के लिए दामन थामा था। जबकि वह केवल समर्थक के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी को ज्वाइन करने वाले किसी कागज पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। वह आज भी पैंथर्स पार्टी के ही पार्षद हैं।
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हाईकोर्ट में भी चेयरमैन के वकील ने रखी है एंटी डिफेक्शन लॉ की दलील
अविश्वास प्रस्ताव के परिणाम पर हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को रोक लगा दी थी और यह आज तक रोक जारी है, इसलिए डाॅ. जोगेश्वर गुप्ता चेयरमैन के पद पर बने हुए हैं। उनके वकील ने भी हाईकोर्ट में यह एंटी डिफेक्शन लॉ की दलील रखी है और बताया है कि चुनाव आयोग में यह मामला विचाराधीन है। वहीं हाईकोर्ट को भी चुनाव आयोग के निर्णय का इंतजार है। कोर्ट फिर अपना फैसला सुना सकता है।