बड्डाल में 8 दिसंबर, 2024 को फजल हुसैन (40) बेटी फरमाना (7) रबिया कौसर (14) और रुक्सान अहमद (10) की मौत के बाद फैला बीमारी का भय अब खत्म हो चुका है। लोगों का कहना है कि बीमारी और वायरस की भय में पीड़ित परिवारों ने खाना तक छोड़ दिया था।
विज्ञापन
कई हफ्ते से लोग बाहर से खाना मंगवा रहे थे ताकि और किसी की मौत न हो जाए। पीड़ितों के घर पहुंचे अब्दुल वाहिद, मोहम्मद रशीद और अब्दुल मजीद ने साफ-साफ कहा कि इन्हें विश्वास हो गया है कि ये मौतें किसी बीमारी से नहीं हुई हैं। इनके पीछे कोई अंदर वाला है।
वो कौन है, पुलिस इसका जल्द से जल्द पता लगाए ताकि गांव के अन्य बच्चे सुरक्षित बच सकें। गांव के कई लोगों ने अपना नाम नहीं बताया, लेकिन साफ तौर पर यही कहा कि फजल हुसैन, मोहम्मद असलम और मोहम्मद रफीक के परिवार को ही निशाना बनाया गया है। मरने वाले सभी बच्चे इन्हीं तीन परिवारों के हैं।
विज्ञापन
इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। इन मौतों का जिम्मेदार जल्द पकड़ा जाना चाहिए। गांव के लोगों में खौफ है। लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस भी पहले दिन से जांच करती तो अब तक इतने बच्चों का जनाजा न उठा होता।
टिफिन कहां से आया इसकी जांच हो
लोगों ने बताया कि 11 जनवरी को मोहम्मद असलम अपने साले के घर 40वें पर खाना खाने गए थे। वहां पर करीब 50 लोगों ने खाना खाया। उनमें से किसी को कुछ नहीं हुआ। उस दिन बच्चे अपने घर आ गए। उनको किसी ने टिफिन में घर के लिए खाना परोस कर दिया था। यह टिफिन किसने दिया, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्हें शक है कि बच्चों ने घर आकर इसी में से खाना खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और एक-एक कर चार बच्चों की जान चली गई।
शक इसलिए भी... क्योंकि पालतू कुत्ता सुरक्षित
लोगों ने बताया कि मारने वाला केवल बच्चों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि घर पर बंधा पालतू कुत्ता सुरक्षित है, जबकि उसको भी खाना दिया गया था।
विशेषज्ञों ने कहा-सामूहिक कार्यक्रम और दावत पर रोक लगाएं
न्यूरोटॉक्सिन की आशंका सामने आते ही जिला उपायुक्त राजोरी अभिषेक शर्मा ने बुधवार को नागरिक, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक की। नमूनों की आई जांच रिपोटों के आधार पर बताया गया कि कोई संक्रामक बीमारी नहीं मिली है। कुछ मृतकों और पीड़ितों के सैंपल में न्यूरोटॉक्सिन मिला है। इसमें किसी जहरीली वस्तु के उनके शरीर में पहुंचने की आशंका है। इससे अब जांच में पुलिस की भूमिका बढ़ गई है।
जिला उपायुक्त ने चेताया कि ऐसे में बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि कोई और परिवार इसकी चपेट में न आए। इसके लिए तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र में सामूहिक दावत और सामूहिक कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए। लोग एक जगह इकट्ठा न हों। प्रभावित परिवारों के घरों में जो खाद्य पदार्थ पड़े हैं, उन्हें तत्काल सील करके उन्हें बाहर से खाना मुहैया करवाया जाए।
एसआईटी में ये सदस्य शामिल
वजाहत हुसैन एसपी ऑपरेशन बुद्धल एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। इसमें डीएसपी ऑपरेशन कंडी विक्रम सरम्हाल, एसएचओ कंडी इंस्पेक्टर अबरार खान, एसएचओ महिला पुलिस स्टेशन राजोरी सुषमा ठाकुर, इंस्पेक्टर राज कुमार, सब इंस्पेक्टर पंकज शर्मा, एएसआई पवन शर्मा के साथ ही फॉरेंसिक मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, बाल रोग विभाग और पैथोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों को सदस्य बनाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का सर्विलांस जारी रहेगा
बड्डाल गांव में स्वास्थ्य विभाग का सर्विलांस जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में पांच चिकित्सा टीमें तैनात की गई हैं। एक स्थायी चिकित्सा शिविर के अलावा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बड्डाल या अन्य किसी क्षेत्र में अगर किसी व्यक्ति में कोई लक्षण मिले तो उन्हें शीघ्र प्राइमरी उपचार के लिए जीएमसी राजोरी शिफ्ट किया जाएगा।