अनरिया में स्टॉलों का निरीक्षण करते चेयरमैन रमेश सैनी।
अरनिया। माई टाउन माई प्राइड के अंतर्गत चल रहे जन अभियान के चौथे दिन भी कई महत्वपूर्ण विभागों को उनकी संबंधित नगरपालिका में कार्यक्रम की सूचना ही नहीं मिली। इसके चलते संबंधित विभागों की समस्या लेकर आए लोगों के हाथ निराशा लगी। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी खुद आकर पूछ रहे थे कि क्या उन्हें भी यहां अपना स्टॉल लगाना है? वहीं कुछ विभाग फोन पर ही अपनी हाजिरी लगाने की अपील कर रहे थे।
पहले 3 दिनों के मुकाबले लोग अब जन अभियान कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। नगरपालिका के जनप्रतिनिधि भी अभियान को सफल बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। नगरपालिका अरनिया के चेयरमैन रमेश सैनी ने चौथे दिन भी सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया, और लोगों को दिए जा रहे फायदों के बारे में जानकारी हासिल की। चेयरमैन ने कहा कि कृषि विभाग की तरफ से लोगों को काफी अच्छे तरीके से बताया जा रहा है। यह इसलिए भी जरूरी है कि 90 प्रतिशत क्षेत्र के लोग कृषि से जुड़े हुए हैं।
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग ने पहले दिन अपना काउंटर जन अभियान में लगाया। इस पर चेयरमैन ने उनसे पूछा कि इतने दिन क्यों नहीं आए? तो उनके द्वारा कोई भी जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने कहा कि खानापूर्ति न करें। जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करें। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी चौथे दिन जन अभियान में पहुंचे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना ही नहीं मिली है कि जन अभियान कार्यक्रम में भाग लेना है। उन्हें 5 और 6 दिसंबर को कार्यक्रम में भाग लेने के आदेश दिए गए हैं।
इससे जाहिर होता है कि प्रशासन ने अधिकारियों को सूचित ही नहीं किया है। ज्यादातर विभाग के कर्मचारी फोन पर भी अपनी हाजिरी लगवाने की कोशिश कर रहे हैं। चेयरमैन से अपील कर रहे हैं कि कृपया उनकी हाजिरी लगा लें। कोई पूछे तो उन्हें बता दें कि उनका स्टॉल लगाया गया था। राजस्व विभाग का स्टॉल चौथे दिन नहीं लगाया गया। 4 दिन में मात्र एक दिन ही स्टॉल लगाया गया था, जिसमें खुद तहसीलदार मौके पर पहुंची थीं। इसके बाद जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए लोग परेशान रहे।
कोऑपरेटिव सोसायटी ने पहले दिन स्टॉल लगाया। नगरपालिका के कर्मचारियों को उसके बारे में समझाया और अपना बैनर समेटकर वहां से चले गए। ज्यादातर विभाग सुबह 11 से 12 के बीच आ रहे हैं। और लंच समय के बाद वहां से चले जाते हैं। इक्का-दुक्का विभाग ही शाम 4 बजे तक अपने काउंटर पर बैठे होते हैं।