पीडीपी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि कश्मीर मुद्दा द्विपक्षीय है। यूके संसद में कश्मीर मुद्दे पर सांसदों की ओर से पारित किए गए एक प्रस्ताव पर बेग ने कहा कि उन्हें कश्मीर की जमीनी स्तर पर वास्तविकता का अहसास नहीं है।
इस मामले का हल शिमला समझौते के तहत हो सकता है, लेकिन यह भारत-पाक की बातचीत पर निर्भर करता है। वीरवार को केएल सहगल हाल में बेग, हक इंसाफ काउंसिल संस्था के तीसरे स्थापना दिवस में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि हिंसा के समर्थक पूरी दुनिया में हैं। असल में यह वह लॉबी है, जो अपने हित साधने की कोशिश करती है। यूके में ही कई सांसद पाक समर्थक हैं। राज्य विधानसभा में कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल तैयार करने पर पारित हुए एक प्रस्ताव पर बेग ने कहा कि यह गंभीर तभी है, जब इस पर अमल हो। यह राजनीतिक दलों की इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है। वरना यह सिर्फ रस्म ही रह जाएगी। पंडितों के लिए अलग-अलग राय रही है। ऐसे मामले में बहस की जरूरत है और इसमें कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। पंडितों की वापसी का मुद्दा मानवीय मुद्दा है। यह उनका मौलिक अधिकार है।
भारत-पाक को आपस में दूरियां कम करने पर जोर
पीडीपी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग
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उन्होंने भारत-पाक को आपस में दूरियां कम करने पर जोर दिया। स्थापना दिवस में रियासत के युवा इतिहास से सीख लें और दूरदर्शी भविष्य की ओर अग्रसर हों, विषय पर वक्ताओं ने प्रभावशाली विचार रखे।
उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार के खात्मे और प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आगे आकर काम करने पर जोर दिया। इस दौरान प्रदेश प्रधान जीशान सईद, सुहेल काजमी, यासिर फारूक खान, जुलकरनैन बजरान, अदनान फरीद, सलीम सादिक, जाहिद खलील बंध, हमीद हाशमी, रफाकत भट्ट, मोहम्मद अशरफ आदि मौजूद रहे।