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मिसाल: J&K में कश्मीरी पंडित जोड़े की शादी में मुस्लिम और सिख बने मेजबान

Fri, 14 Oct 2016 05:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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कश्मीरी पंडित जोड़े की शादी - फोटो : Amar Ujala
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घाटी में हिंसा का केंद्र बने दक्षिण कश्मीर में कश्मीरी पंडित जोड़े की शादी में मुस्लिम और सिख समुदाय की गर्मजोशी देखते ही बनी। पुलवामा जिले के लोसवानी गांव की नीशू पंडिता और तहाब गांव के आशू टिक्कू की शादी हुई। लेकिन, विस्थापित पंडितों के परिवार में शादी का उत्साह उनके मुस्लिम और सिख पड़ोसियों की उत्साहित मौजूदगी से दुगना हो गया।
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खास बात है कि शादी के ज्यादातर इंतजाम मुस्लिम और सिख समुदाय के लोगों ने करवाए। टेंट लगाने से लेकर शादी के लिए ईंधन की लकड़ी, रिश्तेदारों की आवभगत का जिम्मा उन्होंने ही संभाला। लोक गीत वानवुन के दौरान मुस्लिम महिलाओं की संख्या शादी वाले घर के रिश्तेदारों से भी अधिक थी। वहीं पुरुष सदस्यों ने घर की सफाई से लेकर दूल्हा-दुल्हन के घर को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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पारंपरिक अंदाज में हुई बारात की मेहमाननवाजी

व‌िवाह - फोटो : FILE PHOTO
क़ुल मिलाकर माहौल ऐसा बंध गया कि रिश्तेदारों को लगा शादी मुस्लिम और सिख पड़ोसियों की मेजबानी में ही हो रही है। तमाम इंतजामों को बिना कहे देखते पड़ोसी हर मेहमान की आवभगत में जुटे रहे। बारात लेकर आए दूल्हे के साथ मुस्लिम दोस्त शामिल थे। सभी दुल्हन के घर पर 9 घंटे ठहरे।

वहीं, दुल्हन के परिवार का हाथ बंटाते हुए मुस्लिम और सिख पड़ोसियों ने पारंपरिक अंदाज में बारात की मेहमाननवाजी की। इंतजामों में सक्रिय रूप से शामिल मुस्लिम और सिख समुदाय के लोगों ने कहा ये घर की शादी है। यही कश्मीरियत है। उल्लेखनीय है कि आतंकी बुरहान की मौत के बाद 9 जुलाई से भड़की हिंसा से घाटी का सामाजिक जीवन और शादी समारोह बुरी तरह से प्रभावित हुए।
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