जम्मू। जनरल हाउस की बैठक की बैठक आधे घंटे में ही स्थगित होने से नगर निगम को लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। कई पार्षदों ने इस नुकसान पर ऐतराज जताते हुए कहा कि इतनी रकम किसी विकास कार्यों पर लगाया जा सकता है।
बैठक विकास कार्यों के प्रस्तावों को लागू करने और शहर के मसलों के समाधान के लिए आयोजित की गई थी। इसमें 75 वार्डों से पार्षद पहुंचे थे। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने बैठक स्थगित कर दी थी। नगर निगम के अनुसार बैठक में 50 हजार रुपये अलग-अलग कामों पर खर्च किया गया है। प्रस्तावों और मुद्दों की फाइलें तैयार करने में लगभग 20 हजार रुपये खर्च हुए। अब प्रस्तावों पर मंथन नहीं होने पर पूरी राशि का दुरुपयोग हुआ। इसके अलावा दो बार चाय और बिस्कुट खिलाने का भी प्रावधान रखा। इसमें भी चाय बनकर डीनर हाल में पहुंच गई थी। इस पर पांच हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बैठक में आए पार्षद, मीडिया कर्मी और अन्य लोगों के लिए खाने की व्यवस्था थी। इस पर लगभग 25 हजार रुपये का आर्डर दिया गया था। बैठक स्थगित होने के बाद आधे से ज्यादा पार्षद ही लंच का आनंद ले पाए थे।
नगर निगम के अनुसार बैठक में हजारों रुपये खर्चा आता है। बैठक में प्रस्ताव और मसलों पर मंथन हो जाए तो आगामी कार्यवाही शुरू होती है। अब प्रस्ताव पारित नहीं होने के कारण अब अगली बैठक में चर्चा होगी। इस कारण सदन दो से तीन दिन तक चलेगा। इससे खर्च और बढ़ जाएगा। यानी एक लाख रुपये आगामी बैठक में ज्यादा खर्च करना होगा। नगर निगम अब अगली बैठक की तैयारियां करने में जुट गया है। अगले माह एक दिन नहीं, बल्कि तीन दिन तक सदन चलाने की तैयारी की जा रही है। इस माह के मसले और अगले माह के मसलों पर चर्चा के लिए तीन दिन चाहिए। अब कागजी कार्रवाई, चाय और दोपहर भोजन की पेमेंट नगर निगम करेगा।
जनरल हाउस की बैठक स्थगित हो गई थी। इसके लिए नगर निगम की ओर से तमाम तैयारियां की गई थी। कुल कितना खर्चा हुआ, इसका आकलन नहीं हो पाया है। जल्द ही जनरल हाउस की आगामी बैठक करवाई जाएगी।
- प्रेम सिंह, एसीआर नगर निगम