अखनूर। म्यूनिसिपल कमेटी के वाइस चेयरमैन का त्यागपत्र देने और दस पार्षदों ने हस्ताक्षर करके पार्टी पदाधिकारियों को सौंपने पर चेयरमैन की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। पार्टी हाईकमान शीघ्र ही निर्णय लेगी।
सूत्रों के अनुसार कस्बे में एक बैठक में जिसमें भाजपा के महासचिव नरेंद्र सिंह और जिला प्रभारी अरविंद गुप्ता, पूर्व विधायक राजीव शर्मा उपस्थित रहे। पार्टी के उत्थान के लिए अनेक पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने चेयरमैन दीपेश सिंह से विकास कार्य की जानकारी ली। पार्षदों ने अखनूर में विकास की गति कम होने पर खेद प्रकट किया। वाइस चेयरमैन रश्मि कुमारी ने त्याग पत्र दे दिया। बैठक में नौ पार्षदों ने भी लिखित रूप से पर पदाधिकारियों को चेयरमैन को बदलने की सहमति दी।
सनद है अखनूर में म्यूनिसिपल कमेटी के चुनाव में भाजपा ने 11 सीटों पर कब्जा किया था। कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। जिस पर भाजपा के पार्षद दीपेश सिंह चेयरमैन बने। उस समय चेयरमैन पद पर कई पार्षद दावेदार होने पर उस समय विधायक रहे राजीव शर्मा ने एक-एक साल पर अन्य पार्षद चेयरमैन बनाने के हिसाब से दीपेश सिंह को को कुर्सी पर बिठाया। मगर वर्तमान समय एक साल से ज्यादा गया है। इस पर लगातार पार्षदों की तरफ से चेयरमैन बदलने की मांग उठाती रही है। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा के भाजपा में शामिल होने पर दोनों पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। इस तरह पूरे पार्षद भाजपा के हो गए।
वर्तमान में बने घटना चक्र में चेयरमैन पद के लिए पार्टी पदाधिकारियों के समक्ष वाइस चेयरमैन का त्यागपत्र देने और नौ पार्षदों की तरफ से हस्ताक्षर करके चेयरमैन को हटाने की सहमति से चेयरमैन की कुर्सी खतरे में पड़ती नजर आ रही है। पार्टी हाई कमान के किसी आदेश तक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद पर बने रहें।